क्या भगवान हमारी सुनते हैं kya bhagwan hamari sunte hai

क्या भगवान हमारी सुनते हैं?

जब हम भगवान को बिना कोई छल कपट और बिना कोई स्वार्थ और दिल से पुकारते हैं तो वह हमारी जरूर सुनते हैं। 










चलिए पहले यह जानते हैं कि भगवान हमारी प्रार्थना कब नहीं सुनते है? और भगवान हमारी प्रार्थना कब सुनते हैं?


° भगवान हमारी प्रार्थना कब नहीं सुनते हैं?

अगर हम भगवान से कोई प्रार्थना कर रहे है पर उस प्रार्थना में स्वार्थ, लोभ, छल, कपट और कोई भक्ति नही आदि रहता है तो प्रार्थना  भगवान हमारी कभी नहीं सुनते, भगवान आपको कोई भी प्रार्थना पूरी करने से पहले वो उसका परिणाम जान लेते है क्योंकि वे अंतर्यामी है अगर आपके प्रार्थना से किसी को नुकसान होता है तो वो उसे कभी स्वीकार नहीं करते हैं। 

और आजकल के व्यक्ति ऐसा कोई भी प्रार्थना नहीं करता जिससे वह किसी दूसरे के लिए लाभदायक हो उसमे इसका स्वार्थ ना हो आजकल के व्यक्ति वैसा ही प्रार्थना करता है जो उसको खुद के लिए हो अपने स्वार्थ के लिए हो।


° भगवान हमारी प्रार्थना कब सुनते हैं?

भगवान हमारी तब सुनते हैं जब हम वैसा प्रार्थना करते हैं जिसमें ना कोई स्वार्थ, लोभ, छल, कपट और जिसमें भरपूर मात्रा में भक्ति और आस्था रहता है जो हमारे आत्मा मन से निकलता हो जिससे किसी भी लोग को नुकसान ना हो, जिससे लोगों का भलाई हो, तो उस प्रार्थना को भगवान जरूर सुनते हैं।

चलिए हम इस बात को गहराई से समझते हैं।

आप लोग तो जानते ही हैं कि हम लोग अपने माता-पिता को भगवान का दर्जा देते हैं और देना भी चाहिए, ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने हमें बनाया है उन्होंने हमें जन्म दिया। इस कारण माता-पिता हमारे भगवान के रूप होते हैं, उसी प्रकार जिन्होंने पूरे संसार को बनाया है उन्हीं को हम भगवान कहते हैं।













चलिए आप लोग अपने आपसे एक प्रश्न कीजिए
क्या आपके माता-पिता आपके वैसे काम में मदद करते है जो आपको आगे चलकर नुकसान दे, जाहिर है आपका जवाब होगा नहीं। वैसे ही हमारे परमात्मा, वैसे कोई भी प्रार्थना को अस्वीकार  करते हैं जो आपको आगे चलकर नुकसान दे।

एक भगवान वह है जो हमारे माता-पिता के रूप में हमारे साथ रहते हैं और एक भगवान वह है जो ऊपर से हम सभी को देखते है और हमारे द्वारा किए गए कर्मों के अनुसार हमें फल देते है।







Post a Comment

Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

Previous Post Next Post